आउटरीच

औपचारिक शिक्षण संस्थाओं के साथ संवाद

लोकतंत्रशाला ने अपने इलाक़े के कई सरकारी विद्यालयों में सूचना के अधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम किए हैं। अक़्सर हम सूचना के अधिकार से सम्बंधित वीडीयो (कार्टून, सूचना के अधिकार पर बने गीत आदि) दिखाकर कार्यक्रम शुरू करते हैं। और इसके बाद हम सूचना के अधिकार पर एक प्रदर्शनी दिखाते हुए सूचना के अधिकार के आंदोलन और मज़दूर किसान शक्ति संगठन के इतिहास पर बात करते हैं। साथ ही हमारे द्वारा दिखाए वीडीयो पर प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता भी रखते हैं। सही जवाब देने वाले बच्चों को सूचना के अधिकार से सम्बंधित छोटी पुस्तिकाएँ भी प्रोत्साहन-स्वरूप देते हैं। साथ ही लोकतंत्र में सूचना के अधिकार की महत्ता पर भी बात करते हैं और लोकतंत्रशाला के उद्देश्यों और सोच के बारे में बताकर विद्यार्थियों को लोकतंत्रशाला भ्रमण के लिए आमंत्रित भी करते हैं।

गाँवों में फ़िल्में दिखाना

फ़िल्में लोगों तक अपनी बात पहुँचाने का बहुत ही लोकप्रिय और शक्तिशाली माध्यम हैं। लोकतंत्रशाला ग्रामीण इलाक़ों में, विशेषकर युवा और बच्चों के बीच अपनी बात पहुँचाने के लिए फ़िल्म-प्रदर्शन का सहारा लेती है। लोकतंत्र शाला के समीपवर्ती कई गाँवों में हमने फ़िल्म-प्रदर्शन के कार्यक्रम आयोजित किए हैं। औसतन कुछ सौ-डेढ़ सौ लोग इन कार्यक्रमों में जुड़ते हैं। कठपुतली प्रदर्शन के ज़रिए बच्चों से बात-चीत शुरू करते हुए हँसी-खेल में ही हम अपनी बात लोगों तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

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अक़्सर साथी लाल सिंह लोकतंत्र और राजनीति पर एक छोटी बात-चीत शुरू करते हैं। और ग़रीबी की राजनीति को बहुत ही सरल शब्दों में बताते हुए बात करते हैं। उनके प्रभावशाली और बुद्धिमत्ता वाले लोगों को यह समझ आता है कि उनकी ग़रीबी की एक बड़ी वजह जानकारी का अभाव है। और साथ ही वे बात-चीत को संवैधानिक हक़ों की ओर मोड़ते हुए लोकतंत्रशाला का परिचय देते हैं। वे संवैधानिक हक़ों और लोकतंत्र को अर्थपूर्ण बनाने के लिए इसकी बेहतर समझ बनाने पर ज़ोर डालते हैं। फ़िल्म दिखाने से वे लोग भी इस चर्चा का हिस्सा बन जाते हैं जो शायद वैसे चर्चा में शामिल ना हों और फ़िल्म से पहले ये बात-चीत करने से सभी लोग अच्छे से इस चर्चा को सुनते भी हैं।

पद-यात्राएँ

पद-यात्राएँ अक़्सर मज़दूर किसान शक्ति संगठन के साथ मिलकर आयोजित की जाती हैं। इन पद-यात्राओं का मक़सद अक़्सर लोगों द्वारा उनके गाँवों या पंचायतों में झेली जा रही समस्याओं के बारे में जानकार उन्हें अपनी शिकायतें सरकार में उचित स्तर पर करने के लिए प्रेरित करना और उनका समाधान करवाना होता है।

जन-अभियानों को सहयोग

लोकतंत्रशाला लोकतांत्रिक हक़ों पर काम करने वाले जन-अभियानों को भी अपना सहयोग देती है। इन अभियानों में पेंशन परिषद, जन आवाज़, सुनवाई का अधिकार, भोजन का अधिकार, दलितों और आदिवासियों के हक़ों और प्रशासनिक जवाबदेही के लिए चल रहे अभियान आदि शामिल हैं। हम अक़्सर इन अभियानों को अपने परिसर और संसाधनों उपलब्ध कराकर अपना सहयोग करते हैं।