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नाटक कार्यशाला

  • नवम्बर 2015 में लोकतंत्रशाला ने एक ‘नाटक कार्यशाला’ का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य 100-दिवसीय राज्य-व्यापी जवाबदेही यात्रा के लिए कुछ गीत, नारे और नुक्कड़ नाटक तैयार करना था। (सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान, राजस्थान द्वारा दिसम्बर 2015 से मार्च 2016 के बीच निकाली गयी ‘जवाबदेही यात्रा’ का उद्देश्य सरकारी तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक नए क़ानून की माँग और अभियान द्वारा बनाए इस क़ानून के मसौदे पर जन-सहमति बनाना था।) दो सप्ताह की इस कार्यशाला में सूचना-रोज़गार अभियान से जुड़े विभिन्न जन-संगठनों के लगभग तीस लोगों ने भाग लिया। इस दौरान शिक्षा, राशन, पेंशन, आदि विषयों पर नुक्कड़-नाटक और अभियान-गीत आदि सामूहिक तौर पर मिल-जुलकर तैयार किए गए। इन गीतों/नारों/नाटकों ने 100-दिवसीय जवाबदेही यात्रा के दौरान भारी जन-समर्थन दिलाने में बहुत अहम भूमिका निभाई।
  • नवम्बर 2013 में राजस्थान विधानसभा चुनावों से पहले भी लोकतंत्रशाला ने एक नाटक-कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में राजस्थान-भर से राजनैतिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और मतदान और चुनाव पर जागरूकता बढ़ाने के लिए कठपुतली, संगीत आदि का इस्तेमाल करना सीखा।

डेयरी-पालकों के साथ कार्यशाला

फ़रवरी 2016 में इलाक़े के डेयरी-पालकों को इकट्ठा कर उनके साथ एक कार्यशाला लोकतंत्रशाला ने आयोजित की। इलाक़े के विभिन्न गाँवों से सहकारी सोसाईटीयों से जुड़े क़रीब 200 किसानों ने इसमें भाग लिया। इस कार्यशाला के ज़रिए इन बातों पर चर्चा की गयी कि डेयरी-पालन के तरीक़ों में कैसे सुधार किया जा सकता है और किसानों को सहकारी ढाँचे के अंतर्गत ज़्यादा मुनाफ़ा कैसे मिल सकता है। किसानों को सहकारी बाज़ार व्यवस्था और इसके फ़ायदे, पशु-चिकित्सकीय सहायता, पर्याप्त चारे की उपलब्धता आदि विषयों की जानकारी दी गयी। इस कार्यशाला के ज़रिए किसानों और सरकारी अधिकारियों के बीच एक संवाद भी क़ायम हो पाया। भीलवाड़ा सहकारी डेयरी के अध्यक्ष ने भी इस कार्यशाला में भाग लिया और किसानों के साथ बात-चीत की।

लिंग-आधारित भेदभाव पर एक कार्यशाला

दिसंबर 2016 में राजस्थान की महिला-अधिकार कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एक दो -दिवसीय जेंडर-कार्यशाला आयोजित की गयी। इस कार्यशाला के ज़रिए विवाह, दोस्ती, रिश्ते और जेंडर-सम्बंधी मुद्दों और धारणाओं को एक नारीवादी दृष्टिकोण से देखने की एक कोशिश की गयी। राजस्थान के विभिन्न इलाक़ों से लगभग तीस महिला कार्यकर्ताओं ने इस कार्यशाला में हिस्सा लिया।

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